कविता नशा -- खुशबू

नशा नहीं है 
अच्छी इंसानियत ,
इससे खराब होती है तबियत ।
नशा है बहुत बड़ी आफ्त,
इसने दी है
हानिकारक रोगों को दावत।
नशा करने से 
कई लोग हैं बिगड़े,
इससे कई घर हैं उजड़े।
नशे ने की है की है 
कई हानि,
नशे को हटाने की है
हमने ठानी।
जन-गन को देगे
हम सहारा,
नशा मुक्त होगा 
देश हमारा।


खुशबू 
नौवीं वीं कक्षा की छात्रा 
गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा 
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

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