कविता नशे की आदत --- निक्ष्य

नशे की आदत 
मौत को दावत।
नशा है खराब 
हमे करेगा  बीमार।
बीडी  पीने से होगा हमे कष्ट 
हमारे फेफडे  होगे नष्ट।
मगर धूआ है इतना 
मत जाओ 
यह है गहराई  का कुआ।
डूब मत  जाना
 गहरा  है कुआ।
दीया है  पर  जोत नही 
नशा है पर मोत नही।
नशा है कठोर 
रक्त से भरी है जैसे मौत।

निक्ष्य
नौवीं कक्षा का छात्र 
गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा 
कांगड़ा हिमाचल

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