सोलह अध्यापकों को राज्यस्तरीय पुरस्कार और तीन शिक्षकों को राष्ट्रीय सम्मान

शिक्षक दिवस पर 5 सितम्‍बर को  शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षक सम्मानित किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के तीन शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा। राज्य स्तर पर 16 शिक्षकों को राज्यपाल उर्मिला सिंह राजभवन शिमला में करेंगी सम्मानित।
 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊना बाल में तैना त प्रवक्ता प्रदीप कुमार को प्रदेश सरकार सम्मानित करेगी। प्रदीप कुमार को 2010 में स्टेट अवार्ड और 2012 में नेशनल अवार्ड मिला है। बेहतर शिक्षण के लिए नेशनल अवार्ड हासिल करने पर शिक्षक दिवस के मौके पर शिमला में राज्य सरकार की ओर से प्रदीप कु मार को सम्मानित किया जाएगा। प्रदीप कुमार ने कहा कि कोई अशिक्षित न रहे, यही उनका ध्येय है।

 सीनियर सेकेंडरी स्कूल ममलीग के प्रधानाचार्य ओपी कायस्थ को शिक्षा क्षेत्र में उनकी दूरदर्शिता और बेहतर प्रबंधन के लिए नवाजा जाएगा। वह कुल्लू जिले की मनाली तहसील के गोजरा गांव से हैं। उनके मार्गदर्शन में स्कूल को स्वच्छता के लिए 50 हजार रुपये पुरस्कार मिला है। स्कूल को यूथ पार्लियामेंट प्रतियोगिताओं में अव्वल और बेस्ट पाइका स्कूल का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। स्कूल में हॉल, सड़क और स्वच्छता का संदेश देने के लिए गारबेज मुहिम भी सराहनीय है।

सोलन नालागढ़ के माझरू निवासी मेलाराम को भी शिक्षक दिवस पर नवाजा जाएगा। वह ब्वायज स्कूल सोलन में शारीरिक शिक्षक हैं। 1979 में स्पोर्ट्स कोटे में पुलिस में भर्ती हुए। आठ साल नॉर्थ इंडिया रेसलिंग में हिस्सा लेने के बाद 1990 में शिक्षा विभाग ज्वाइन किया। बतौर शारीरिक शिक्षक वह 11 साल जिला सोलन की कबड्डी टीम के कोच रहे। 11 बार राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीते। कई होनहारों ने राष्ट्र स्तर पर नाम चमकाया। उनका कहना है कि पढ़ाई के साथ खेलकूद भी जरूरी है। इससे मानसिक, शारीरिक विकास होता है।

देलगी (सोलन) मोहेंद्र सिंह ठाकुर जिस स्कूल से पढ़े हैं, वहीं से बच्चों को राष्ट्र और राज्य स्तर पर खो-खो में नाम चमकाने के लिए तैयार कर रहे हैं। देलगी स्कूल में शारीरिक शिक्षा रहकर उन्होंने खो-खो खिलाड़ियों को नए जज्बे और बेहतर तकनीक के साथ मैदान में उतारा। अंडर-19 में खो-खो में प्रदेश में 26-27वां स्थान आता था, अब अब चौथा स्थान आ रहा है। अंडर-19 वालीबाल प्रतियोगिता में जिले की टीम ने स्टेट विनर का तमगा जीता। एक छात्रा राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भी चुनी गई। इनका कहना है कि शारीरिक शिक्षा में अभी स्कूलों में बहुत काम करना बाकी हैं। छात्रों में खेल के प्रति रुचि पैदा करने के लिए विशेष कार्यक्रमों की जरूरत है।

गलोड़ (हमीरपुर) सरकारी स्कूल में कैंपस इंटरव्यू करवाने का श्रेय अमित कुमार को जाता है। उन्होंने गलोड़ स्कूल में कंपनियों को बुलाकर छात्रों के लिए नौकरी का अवसर दिया। अमित ने दिसंबर 2006 में अपनी तरह का पहला प्रयास किया। इसकी सफलता के पश्चात स्कूल में रोजगार मेला लगाया जाता रहा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलोड़ में वोकेशनल संकाय प्रवक्ता अमित कुमार मेहता को शिमला में श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा। उन्हें 2010-11 एनसीईआरटी से राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। नगरोटा बगवां (कांगड़ा) के अमित मेहता 1993 में प्रवक्ता पद पर नियुक्त हुए। वर्तमान में वोकेशनल कोर्स जिला समन्वयक का कार्य भी देख रहे हैं। आठ साल से गलोड़ स्कूल में सेवाएं दे रहे हैं।

पधर (मंडी) चौहारघाटी के दुर्गम गांव रुलंग में जन्में और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगिंद्रनगर से सेवानिवृत्त नेकराम शास्त्री को वीरवार को राज्यपाल उर्मिला सिंह राज्य स्तरीय शिक्षक अवार्ड से सम्मानित करेंगी। वह शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र की विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2006 में राज्यस्तरीय शिक्षक पुरस्कार और 2012 में दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार राष्ट्रपति से ले चुके हैं। वर्ष 2006 से वर्ष 2013 तक मिली इन उपलब्धियों को कड़ी मेहनत, ईमानदारी, कर्तव्य निष्ठा का प्रतिफल बताते हुए नेक राम शास्त्री का कहना है कि वह भविष्य में भी समाजसेवा तथा निर्धन बच्चों की शिक्षा के लिए योगदान जारी रखेंगे।

पालमपुर (कांगड़ा) शिक्षा क्षेत्र में बेहतर कार्य करने पर अध्यापक डा. मनोहर लाल अवस्थी राज्यपाल उर्मिला सिंह के हाथों सम्मानित होंगे। उन्हें यह इनाम बदलते परिवेश में शिक्षा के मूल्य और महत्व को समझते हुए बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए गुणात्मक और प्रयोगात्मक शिक्षा में किए गए कार्यों के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने जन संचार एवं पत्रकारिता में पीएचडी भी की है। अजमेर से साउथ एशियन कंट्री के लिए इंटरनेशनल डिप्लोमा गाइडेंस एंड काउंसलिंग करने के बाद उन्होंने बच्चों के बेहतर कैरियर के लिहाज से काउंसलिंग शुरू की। उनके इसी प्रेरणा परक प्रयास को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। वह जरूरतमंद बच्चों की सहायता भी करते हैं। वह इन दिनों हाई स्कूल मैंझा (पालमपुर) में बतौर टीजीटी आर्ट्स सेवाएं दे रहे हैं।

रामपुर बुशहर शिमला प्राइमरी स्कूल रचोली के मुख्याध्यापक चुन्नी लाल शर्मा को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तरीय अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें बीआरसी से जिला स्तर पर भी अवार्ड मिला है। 12, मई को 1989 को कुमसू स्कूल से सेवाएं शुरू करने वाले चुन्नी लाल शर्मा ने कई बाधाएं पार कर नाम कमाया है। उनका चयन प्रदेश के 16 शिक्षकों में राज्य स्तरीय अवार्ड को किया गया है। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का रहा है। पर्यावरण सुरक्षा और संपूर्ण स्वच्छता जैसे कार्यक्रमों को भी तरजीह दी है। गरीब छात्रों के लिए आर्थिक सहायता भी स्कूल में मुहैया करवा रहे हैं।

बिलासपुर राजकीय प्राथमिक पाठशाला छकोह के सीएचटी युगल किशोर गुप्ता को राज्य स्तरीय शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया जाएगा। स्कूली बच्चों के उत्थान को बेहतर कार्य करने पर उन्हें यह सम्मान मिल रहा है। जिले में स्त्रोत व्यक्ति के तौर पर भी उन्हें पुरस्कार मिला है। बच्चों की किताबों, फंड मुहैया करवाने तथा अन्य कार्यों में भी मदद करते हैं। प्राइमरी स्कूल छकोह में 10 हजार तथा प्राइमरी स्कूल पीपलघाट में 14 हजार की राशि भी ऐच्छिक रूप से प्रदान की है।

बिलासपुर घुमारवीं उपमंडल के प्राइमरी स्कूल टकरेहड़ा की अध्यापिका सीता देवी को राज्य स्तरीय अवार्ड के लिए चुना गया है। शिक्षक दिवस पर राज्यपाल उर्मिला सिंह उन्हें बेहतर सेवाओं के लिए सम्मानित करेंगी। स्कूल का बेहतर परीक्षा परिणाम रहने पर उन्हें यह पुरस्कार मिल रहा है। उनके स्कूल का परिणाम सराहनीय रहा था। इसके अलावा वह बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा आगे रहीं। बच्चों को स्कूल के अलावा घर पर भी फुर्सत के क्षण में पढ़ाया करती हैं।

चंबा शिक्षा और खेल क्षेत्र में सराहनीय कार्य पर चंबा के शिक्षा खंड बनीखेत के मिडल स्कूल पुखरी की शिक्षिका नीना ठाकुर को राज्य पुरस्कार से नवाजा जाएगा। वर्तमान में वह जिला ऑर्गेनाइजर कमिश्नर गाइड भी हैं। नीना बाल स्कूल चंबा में स्काउट एंड गाइड प्रभारी थीं तो वर्ष 2006 में स्कूल के तीन बच्चों को राष्ट्रपति पुरस्कार मिले थे। 2007 में सात लड़कों को राज्यपाल पुरस्कार से नवाजा गया। 2006 में उनके योगदान से गर्ल्स स्कूल चंबा की चार लड़कियों को राष्ट्रपति पुरस्कार मिला। उनके द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषयों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। सूलणी स्कूल में उनके कार्यकाल के दौरान कबड्डी टीम लगातार पांच वर्षों तक जिला स्तरीय विजेता रही। वर्तमान में मिडल स्कूल में उन विषय का परिणाम सराहनीय है। उन्होंने पुखरी स्कूल में स्वच्छता अभियान में काफी योगदान दिया है। रजेरा के संगेड की रहने वाली नीना ठाकुर के योगदान के कारण पुखरी पंचायत को दो बार निर्मल पुरस्कार मिला है।

ऊना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मवां कोहला में कार्यरत राजकुमार कंवर को सरकार की ओर से श्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार मिलेगा। राजकुमार खेल शिक्षक हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए राजकुमार को पुरस्कृत किया जा रहा है। उन्हें वीरवार को शिक्षक दिवस पर शिमला में सम्मानित किया जाएगा। राजकुमार कंवर ने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन पशु समान है। हर नागरिक का शिक्षित होना नितांत आवश्यक है।

मंडी साईगलू शिक्षा खंड की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरयारा में केंद्रीय मुख्य शिक्षिका के पद पर कार्यरत चंद्रावती को वीरवार को शिक्षक दिवस पर राज्यस्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सरकारघाट के मसेरन गांव निवासी शिक्षिका चंद्रावती की पहली ज्वाइनिंग सात अप्रैल 1989 में चौहारघाटी के दुर्गम क्षेत्र लच्छयाण स्कूल में हुई। इसके अलावा उन्होंने भलयाणा, करसोग, मंडी के स्कूल में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया। शिक्षिका चंद्रावती के पढ़ाए बच्चे आज डाक्टर और इंजीनियर पदों पर हैं। चंद्रावती ने ड्राप आउट बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया। इन्हीं उपलब्धियों के चलते प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें राज्यस्तरीय शिक्षक अवार्ड से नवाजा जा रहा है।

मंडी राजकीय उच्च पाठशाला मुंदड़ के पूर्व मुख्याध्यापक सुरेश गौतम को राज्य शिक्षक सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। सुरेश गौतम का जन्म मंडी जिले के चनोली गांव में स्व. पंडित बेलीराम के घर हुआ। 1985 में विज्ञान अध्यापक नियुक्त हुए। प्राणी विज्ञान के प्रवक्ता के रूप में रावमापा करसोग में पदोन्नत हुए। प्रदेश विवि से एमएड करने के बाद 2010 में वह मुख्याध्यापक के पद पर नियुक्त हुए। सुरेश गौतम ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए अपने स्कूल में अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर तीन साल तक शत प्रतिशत परिणाम दिया। 60 प्रतिशत बच्चे तारांकित अंकों के साथ उत्तीर्ण हुए। वर्तमान में सुरेश गौतम का तबादला राजकीय उच्च पाठशाला तल्याहड़ में हुआ है। यहां करीब 80 वर्ग मीटर स्कूल की भूमि वापस हासिल की है।

सुंदरनगर (मंडी) सुंदरनगर के सीसे स्कूल जय देवी में हिंदी प्रवक्ता कृष्ण चंद को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए राज्यस्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।

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