वोकेशनल कोर्स को मिलेंगे पांच लाख

वोकेशनल शिक्षा आरंभ करने के लिए चयनित 100 स्कूलों को पांच-पांच लाख रुपए प्रदान किए जाएंगे। इससे स्कूलों में दो-दो वोकेशनल कोर्स शुरू करने को लैब स्थापित की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार बाकायदा 4,463 लाख रुपए स्वीकृत कर चुकी है। इस कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार को भी 562 लाख रुपए अपने कोष से देने होंगे। केंद्र की योजना के तहत सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विषय प्रत्येक पाठशाला में पढ़ाया जाएगा। इसी प्रकार ऑटो मोबाइल कोर्स 45 स्कूलों, रिटेल कोर्स 25 स्कूलों तथा सिक्योरिटी कोर्स 30 स्कूलों में पढ़ाया जाएगा। इन कोर्स के अध्ययन के लिए छात्रों को अतिरिक्त फीस नहीं चुकानी होगी। प्रथम चरण में उक्त वोकेशेनल कोर्स शहरी क्षेत्रों के छात्रों की अधिक तादाद वाले 100 स्कूलों में आरंभ किए गए हैं। आगामी शैक्षणिक सत्र से 100 और स्कूलों में इन कोर्स का प्रशिक्षण आरंभ किया जाएगा। वोकेशनल शिक्षा का मकसद छात्रों को स्कूल स्तर पर ही नौकरी के काबिल बनाना तथा उद्योगों की कुशल कामगारों की जरूरत को पूरा करना है। इसके लिए शिक्षा विभाग तथा बाधवानी फाउंडेशन व एनएसडीसी के बीच करार भी कर लिया गया है, जो कि छात्रों को प्रशिक्षण देने के बाद प्लेसमेंट में भी मदद करेगा। जून माह से उक्त वोकेशनल कोर्स की शिक्षा आरंभ कर दी जाएगी। सूचना के मुताबिक उक्त कोर्स के अध्ययन के लिए काफी तादाद में छात्र आगे आ रहे हैं। राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा पात्रता फ्रेमवर्क (एनवीईक्यूएफ) कार्यक्रम के तहत 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को उक्त वोकेशनल कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वोकेशनल कोर्स आरंभ किए जाने के बाद छात्रों द्वारा स्कूल छोड़ने की दर में भी कमी आएगी। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डा. अमरदेव ने बताया कि प्रत्येक चयनित स्कूल को लैब स्थापित करने के लिए पांच-पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे प्रत्येक स्कूल में आईटी के अलावा एक और वोकेशनल कोर्स शुरू किया जाएगा। शीघ्र ही इसके लिए शिक्षकों का चयन कर लिया जाएगा।
साभार : दिव्य हिमाचल

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