शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति योजना बंद

हिमाचल में शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति योजना को बंद कर दिया गया है। प्रदेश सरकार के इस अहम फैसले के साथ  ही राज्य के 26 हजार से अधिक प्राथमिक शिक्षकों ने भी राहत की सांस ली है। योजना को बंद करने के बाबत प्रदेश सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। पूर्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग में बीच सत्र में शिक्षकों को रिटायरमेंट पर न भेजने का फैसला लिया था। बहरहाल सरकार के उक्त आदेश अप्रैल माह से शुरू होने जा रहे थे। सूचना के अनुसार प्रदेश सरकार ने पूर्व में शिक्षकों को बीच सत्र में सेवानिवृत्त न करने का फैसला लिया था। सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने आवाज बुलंद करते हुए इसे वापस लेने की मांग की थी। इसके पीछे संघ का तर्क था कि सही मायनों में शिक्षकों को  योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा शिक्षा विभाग के बीपीईओ, निदेशक, डिप्टी डायरेक्टर समेत अन्य अधिकारियों को ही इसका लाभ मिल पाया। सूत्रों का कहना है कि सरकार का यह निर्णय राज्य में खासकर प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति में भी रुकावट बन गया था।  लिहाजा   दो वर्षों से यह योजना  प्राथमिक शिक्षकों के लिए गले की फांस बनी हुई थी। हांलाकि निर्णय को लेकर सरकार का तर्क था कि बीच सत्र में शिक्षक के रिटायर होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। उधर, प्राथमिक शिक्षक संघ का तर्क है कि  शिक्षक तर्क दे रहे थे कि शिक्षा का अधिकार कहीं यह नहीं कहता कि वही शिक्षक या अधिकारी रिटायर होने के बाद भी साल भर पद पर बना रहे। लिहाजा सरकार व विभाग पूर्व में ही इन रिक्त होने जा रहे पदों के लिए पैनल तैयार रखे तथा समय रहते इन पदों को भरे ,ताकि पठन-पाठन कार्य प्रभावित न हो।

source:divya himachal

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