स्कूल अपग्रेडेशन के मानक बदलेंगे!

हिमाचल में सरकारी स्कूलों का दर्जा बढ़ाने के लिए बनाए गए मानक बदले जा रहे हैं। पिछले साल लागू किए गए इन मानकों को और ढीला करने की तैयारी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव बनाकर सचिवालय भेजा है। मामला बहुत जल्द कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है।
शिक्षा मंत्री ईश्वर दास धीमान इसकी पुष्टि कर रहे हैं। राज्य में 15 हजार से अधिक सरकारी स्कूल हैं। इन्हें अपग्रेड करने को पिछले साल सरकार ने मानक बनाए थे। इन्हें कैबिनेट ने ही पास किया था। यदि प्राइमरी स्कूल को मिडिल करना हो तो 5वीं कक्षा में 25 बच्चे होने चाहिए और डेढ़ किलोमीटर में दूसरा कोई स्कूल नहीं होना चाहिए। मिडिल से हाई के लिए तीन किलोमीटर की दूरी और 8वीं में 40 बच्चों की शर्त है। हाई से सीनियर सेकेंडरी के लिए 5 किलोमीटर दूरी और दसवीं में 60 छात्र-छात्राएं होने जरूरी हैं। राज्य में और स्कूल खोलने के बजाए शिक्षा की गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान देना इस नीति का मकसद था, लेकिन इन मानकों से अब ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्कूल अपग्रेड करने में दिक्कत आ रही है। सरकार के ध्यान में मामला आने के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग ने संशोधित प्रस्ताव दिया है। इसमें छात्र संख्या की शर्त को कम किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मिडिल से हाई के लिए छात्र संख्या 30 और हाई से सीनियर सेकेंडरी के लिए 50 करने का सुझाव है। ट्राइबल क्षेत्रों के लिए मानकों में 50 फीसदी छूट दी जा रही है। यानी छात्र संख्या अब मिडिल के लिए 20 और हाई के लिए 30 होगी। इस पर अब मंत्रिमंडल को फैसला लेना है।
•रूरल, ट्राइबल एरिया में छूट देने का प्रस्ताव तैयार
•मंत्रिमंडल में दोबारा रख सकते हैं मामला : धीमान
चच्योट में अटकी सीएम की घोषणाएं
शिमला। मुख्यमंत्री ने पिछले साल मंडी के चच्योट विधानसभा क्षेत्र में करीब 10 स्कूलों को अपग्रेड करने की घोषणा की थी। अब शिक्षा सचिव कार्यालय ने मानकों का हवाला देते हुए इन घोषणाओं को रोक दिया है। इसके बाद जयराम ठाकुर ने यह मामला उठाया। शिक्षा विभाग ने खुद सर्वे कर भी पाया है कि वर्तमान मानकों के आधार पर ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों, जहां स्कूलों की ज्यादा जरूरत है, वहां स्कूल अपग्रेड नहीं हो पाएंगे।
source:•अमर उजाला ब्यूरो

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