एक जैसी वर्दी में नजर आएंगे छात्र

शिमला — हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अब सभी छात्र-छात्राओं को मुफ्त में स्कूल ड्रेस दी जाएगी। राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को आयोजित बैठक में इसे मंजूरी दे दी है। सरकार ने इसके लिए बाकायदा 30 करोड़ रुपए के बजट का भी प्रावधान कर दिया है। छात्रों को यह ड्रेस साल में दो बार दी जाएगी। एक बार डे्रस देने में 30 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस तरह सरकार को साल में दो बार ड्रेस देने पर 60 करोड़ रुपए व्यय करने होंगे। इसके बाद प्रदेश के 13 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में एक समान डे्रस-कोड लागू हो जाएगा। राज्य सरकार की अटल स्कूल वर्दी योजना से करीब 10 लाख छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे। राज्य मंत्रिमंडल ने स्कूल डे्रस की खरीद को अतिरिक्त मुख्य सचिव वन की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है, जो तय करेगी कि ड्रेस सिविल सप्लाई से खरीदनी है या फिर स्वयं खरीदनी है। इसके अलावा कमेटी डे्रस की खरीद और सिलाई इत्यादि के लिए टेंडर आमंत्रित करेगी। छात्रों को किस रंग की डे्रस दी जाएगी, यह भी कमेटी द्वारा ही तय किया जाएगा। राज्य सरकार ने वर्ष अपै्रल, 2012 से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र से ही ड्रेस देने का निर्णय लिया है। इससे अभिभावकों का सरकारी स्कूलों की तरफ रुझान बढ़ेगा। सरकारी स्कूलों में इससे पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण बन पाएगा। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए शिक्षा विभाग जिला स्तर पर छात्रों की गिनती कर चुका है। लकड़ों को पैंट व कमीज तथा लड़कियों को कुर्ता, सलवार व दुपट्टा दिया जाएगा। प्रदेश में अब तक केवल अनूसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित छात्रों को ही डे्रस दी जाती रही है। मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल द्वारा एक जनसभा में घोषणा के बाद सोमवार को मंत्रिमंडल ने भी इसे मंजूरी दे दी है। ‘दिव्य हिमाचल’ से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार ने अपै्रल माह में डे्रस देने के लिए 30 करोड़ का प्रावधान भी कर लिया है। इसके लिए सरकार ने एक कमेटी गठित की है,जो छात्रों तक डे्रस पहुंचाने और खरीद की रूपरेखा तय करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की इस महत्त्वाकांक्षी योजना से हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण बनाने के लिए छात्रों को ड्रेस देने का निर्णय लिया है। बहरहाल हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अब सभी छात्र-छात्राओं को मुफ्त में स्कूल ड्रेस दी जाएगी।

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