हिमाचल डीपीई (शारीरिक शिक्षक) एसोसिएशन

हिमाचल डीपीई (शारीरिक शिक्षक) एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि उन्हें लेक्चरर पदनाम के साथ वेतनमान भी मुहैया कराया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि शैक्षणिक योग्यता लेक्चरर के समान होने के बावजूद उन्हें पिछले लंबे समय से एक ही पद पर सेवानिवृत्त होना पड़ रहा है। इससे इस वर्ग में निराशा है। सोमवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रवीण पठानिया ने कहा कि समस्याओं को लेकर सारा मसौदा तैयार कर लिया गया है। शीघ्र ही इस बारे में मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि बेसिक क्वालिफिकेशन इस वर्ग के लिए एमए है और ऐसे में उन्हें टीजीटी के समान स्केल दिया जाता है जबकि स्थिति यह है कि स्कूलों में जमा एक और दो की कक्षाओं को वे न केवल पढ़ाते ही हैं, प्रेक्टिकल भी करवाते हैं। मॉर्निंग असेंबली के अलावा दिनभर स्कूल में अनुशासन बनाना भी इस वर्ग की अहम भूमिका रहती है। इन सब जिम्मेदारियों के बावजूद उन्हें प्रमोशन से महरूम रखना अब बदलते परिवेश में न्यायोचित नहीं है। 
रणनीति बना रहे 
कॉन्फ्रेंस में मौजूद अन्य पदाधिकारियों सुरजीत ठाकुर, प्रदीप ठाकुर, सुनील कपिल, राजेश शर्मा, नानक चंद के अलावा भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र अत्री भी मौजूद थे। पठानिया ने बताया कि समस्याओं को लेकर एक चार्ट बनाया जा रहा है और इस बारे में मुख्यमंत्री से शीघ्र ही प्रतिनिधिमंडल मिलेगा, जिसमें इस वर्ग के लिए पॉलिसी बनाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र अत्री खुद स्पोट्र्समेन रहे हैं और उन्होंने भी विश्वास दिलाया है कि वे इस समस्या के हल के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे।

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