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स्कूलों में मिड-डे मील बनाने का झंझट खत्म

अब स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बनने वाले भोजन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मिड-डे-मील के लिए रेडी टू सर्व और रेडी टू कुक फूड परोसा जाएगा। 

इससे स्कूलों में मिड-डे मील बनाने का झंझट खत्म हो जाएगा। डॉ. यशवंत सिंह परमार यूनिवर्सिटी का फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग इस महत्वाकांक्षी योजना पर जल्द ही काम शुरू कर रहा। इसके लिए लखनऊ की एक निजी कंपनी का यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू हुआ है। विभाग का यह किसी निजी कंपनी के साथ पहला एमओयू है। इसके तहत फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग कम लागत में तैयार होने वाले इंस्टेंट फूड की टेक्नोलॉजी को विकसित करेगा। इसके लिए 18 माह का समय निर्धारित किया गया है। 

नौणी यूनिवर्सिटी के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वीके जोशी ने बताया कि विभाग का किसी निजी कंपनी से यह पहला प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया कि फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (फिक्की) के उद्योग सिक्योर फूड प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए एमओयू के तहत विभाग नए-नए शोध करेगा। भोजन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

9 लाख का है प्रोजेक्ट 

यूनिवर्सिटी के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रोजेक्ट प्रभारी डॉ. देवना वैद्य ने बताया कि यूनिवर्सिटी का सिक्योर फूड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के साथ एमओयू हुआ है। इसके तहत यूनिवर्सिटी मिड-डे मील और आईसीडीएस प्रोजेक्ट के तहत आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों, धात्री महिलाओं, किशोरियों के लिए पौष्टिक आहार तैयार करेंगे। कम लागत में गुणवत्ता की खाद्य पदार्थ तैयार होंगे। प्रोजेक्ट डेढ़ साल का है। इस पर 9 लाख रुपए की लागत आएगी।

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