स्टेट ओपन स्कूल

हिमाचल में नेशनल ओपन स्कूल (एनओएस)की तर्ज पर स्टेट ओपन स्कूल (एसओएस) खोले जा रहे हैं। प्रदेश में उपमंडल स्तर पर 41 पाठशालाएं ओपन स्कूल के अधिसूचित कर दी गई है। इनमें वर्ष 2012 से ही कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। ओपन स्कूल में नवीं फेल छात्र सीधे 10वीं तथा 11वीं फेल छात्र सीधे 12वीं कक्षा की परीक्षा में बैठ पाएंगे। राज्य सरकार ने इस बारे अधिसूचना संख्या-दो-केए(5)-2/2010 के तहत आदेश जारी कर दिए है। सरकार के निर्देशानुसार मार्च, 2011 में ली गई 11वीं कक्षा की परीक्षा में फेल हुए छात्रों को मार्च, 2012 में प्राइवेट छात्र के तौर पर अपीयर होना होगा। नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2012-13 से लागू होगी। ओपन स्कूल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित किए जाएंगे। बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव ही स्टेट ओपन स्कूल के अध्यक्ष व सचिव होंगे। स्टेट ओपन स्कूल राज्य में नेशनल ओपन स्कूल की तर्ज पर काम करेंगे। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो स्टेट ओपन स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक छात्र को चार कांटै्रक्ट प्रोग्राम दिए जाएंगे। इसमें  छात्र को एक कांटै्रक्ट प्रोग्राम आवश्यक रूप से करना होगा। इसी तरह चार असाइनमेंट में से एक को भी करना पड़ेगा। ऐसा न कर पाने की सूरत में इन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। इनकी परीक्षाएं प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ही लेगा। स्टेट ओपन स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त स्कूल खोले जाएंगे। ओपन स्कूल के लिए प्रदेश में 41 स्कूल खोले जा चुके हैं। उप मंडल मुख्यालय में चल रहे स्कूलों के शिक्षकों को ही ओपन स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए शिक्षकों को अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा। स्टेट ओपन स्कूल खुलने से विशेषकर उन छात्रों को लाभ मिलेगा, जो कि किन्हीं पारिवारिक व अन्य कारण से नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते हैं। ऐसे छात्र अब कुछ दिनों तक स्टेट ओपन स्कूल में कक्षाएं लगाकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। इनमें छात्र अब 10वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर सकेंगे। प्रदेश शिक्षा बोर्ड के सचिव प्रभात शर्मा ने बताया कि स्टेट ओपन स्कूल एनओएस की तर्ज पर शिक्षा देंगे।

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